वर्चुअल मशीन क्या है? वर्चुअल मशीनों के 5 प्रमुख लाभ

XnConvert लिनक्स में बैच इमेज प्रोसेसिंग का बेहतरीन औजार

XnConvert एक ऐसा ही क्रास प्लेटफार्म बैच इमेज प्रोसेसिंग साफ्टवेयर है जिसकी मदद से हम न केवल ढेरों चित्रों के फार्मेट एक क्लिक में बदल सकते हैं बल्कि वाटरमार्किंग, स्पेशल इफेक्ट्स, बार्डर लगाना, इमेज एडजस्टमेंट आदि भी एक ही क्लिक में कर सकते हैं। यह विंडोज लिनक्स और मैक ओएस तीनो में चलता है।

वर्डप्रेस और गूगल डॉक्स में बोलकर टाइप कैसे करें

अब वे दिन गए जब लम्बे दस्तावेज टाइप करने के लिए या तो टाइपिस्ट की मदद लेनी होती थी या फिर खुद टाइपिंग सीखनी‌ होती थी। क्योंकि अब कृत्रिम बुद्धि के विकास की वजह से बोलकर टाइप करना संभव है। आज हम वेब आधारित उन औजारों के बारे में जानेंगे जिनकी मदद से हम बोलकर लम्बे दस्तावेज टाइप कर सकते हैं।

लिनक्स टर्मिनल में किसी कमांड के परिणाम को फाइल के रूप में कैसे सहेजें

जब आप लिनक्स के टर्मिनल पर कोई कमांड देते हैं तब आपको तुरंत ही उसका परिणाम सामने मिल जाता है। लेकिन कई बार भविष्य के किसी प्रयोग हेतु इस परिणाम को सहेजना जरूरी होता है। कितना अच्छा हो यदि हम इसका परिणाम किसी फाइल में सहेज सकें।
वर्चुअल मशीन क्या है? वर्चुअल मशीनों के 5 प्रमुख लाभ 5
Ankur Guptahttps://antarjaal.in
पेशे से वेब डेवेलपर, पिछले १० से अधिक वर्षों का वेबसाइटें और वेब एप्लिकेशनों के निर्माण का अनुभव। वर्तमान में ईपेपर सीएमएस क्लाउड (सॉफ्टवेयर एज सर्विस आधारित उत्पाद) का विकास और संचालन कर रहे हैं। कम्प्यूटर और तकनीक के विषय में खास रुचि। लम्बे समय तक ब्लॉगर प्लेटफॉर्म पर लिखते रहे. फिर अपना खुद का पोर्टल आरम्भ किया जो की अन्तर्जाल डॉट इन के रूप में आपके सामने है.

वर्चुअल/आभासी मशीन एक ऐसा आभासी कम्प्य़ूटर होता है जो कि भौतिक कम्प्य़ूटर न होते हुए भी एक भौतिक कम्प्यूटर के रूप में अपने सीपीयू, रैम, डिस्क स्टोरेज, नेटवर्क इंटरफेस के साथ कार्य करता है। वर्चुअल मशीनों को गेस्ट कहा जाता है और जिस भौतिक कम्प्यूटर के भीतर चलती हैं जिसे होस्ट कहा जाता है। हाइपरविजर नामक साफ्टवेयर भौतिक कम्प्य़ूटर के विभिन्न संसाधनों जैसे कि सीपीयू, रैम आदि को कुछ मात्रा में अलग करके वर्चुअल मशीनों‌ को प्रदान करता है।

उदाहरण के लिए, आपके सीपीयू‌ में आठ कोर हैं तो आप कम्प्यूटर पर दो वर्चुअल मशीनें बनाकर उन्हे दो-दो कोर दे सकते हैं। 16 जीबी रैम है तो आप 4-6 जीबी रैम वर्चुअल मशीनों‌ को दे सकते हैं। वर्चुअल मशीनें एक ऐसा वातावरण प्रदान करती है, जो बाकी सिस्टम से अलग-थलग होता है, इसलिए जो भी वर्चुअल मशीन के अंदर चल रहा है वह होस्ट के हार्डवेयर और साफ्टवेयर पर किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करता है।

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एक कम्प्य़ूटर में एक से अधिक वर्चुअल मशीनें चलाई जा सकती हैं। यही नही बल्कि आप वर्चुअल मशीनों‌ को एक कम्प्य़ूटर से दूसरे में स्थानांतरित भी कर सकते हैं। वर्चुअल मशीनें हार्ड डिस्क हेतु फाइलों‌ का प्रयोग करती हैं। वर्चुअल मशीन के भीतर वह वर्चुअल डिस्क फाइल एक हार्ड डिस्क के रूप में दिखाई देती है। वर्चुअल मशीन का आपरेटिंग सिस्टम/प्रचालन तंत्र और समस्त डेटा उसी वर्चुअल डिस्क फाइल पर ही लिखा जाता है। किन्तु होस्ट मशीन से वह वर्चुअल हार्ड डिस्क मात्र एक फाइल के रूप में ही होती‌ है। और जब भी आपको अपनी‌ वर्चुअल मशीन कहीं‌ ले जानी हो सीधा वर्चुअल डिस्क फाइल को कापी करके ले जाइए।

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वर्चुअल मशीनों के 5 प्रमुख लाभ

1. बिना ड्यूल बूट किये लिनक्स वितरणों‌ को आजमाकर देखना

वर्चुअल मशीनों‌ की‌ मदद से आप बिना ड्यूल बूट किए ढेरों आपरेटिंग सिस्टमों को आजमाकर देख सकते हैं। आपको हार्ड डिस्क में कोई पार्टीशन भी नही‌ बनाना होगा। इससे आपके होस्ट आपरेटिंग सिस्टम को कोई नुकसान भी नही‌ पहुंचेगा।

2. लिनक्स में विंडोज के साफ्टवेयर चलाना या मैक में‌ विंडोज के साफ्टवेयर चलाना

आप लिनक्स अथवा मैक आपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग करते हैं किन्तु कुछ ऐसे साफ्टवेयरों का प्रयोग करना हो जो कि केवल विंडोज में ही चलते हैं तो आप वर्चुअल मशीन में विंडोज स्थापित करके वे साफ्टवेयर चला सकते हैं।

3. विंडोज के पुराने संस्करण में चलने वाले साफ्टवेयर चलाना

यदि आप कोई ऐसा पुराना साफ्टवेयर चलाना चाहते हैं जो कि पुराने विंडोज अथवा किसी पुराने लिनक्स वितरण पर ही चलता है तो आप वर्चुअल मशीन में‌ विंडोज अथवा लिनक्स का वह संस्करण स्थापित करके उसमें वह साफ्टवेयर चला सकते हैं।

4. वर्चुअल सर्वरों की मदद से डेडिकेटेड सर्वर की सुविधा कम खर्च में प्राप्त करना

डेडिकेटेड सर्वर का लाभ ये होता है कि हम उसमें अपने मन मुताबिक साफ्टवेयर स्थापित कर सकते हैं। उसके कांफिगरेशन पर हमारा पूरा नियंत्रण होता है। किन्तु वे बहुत महंगे पड़ते हैं। यदि एक डेडिकेटेड सर्वर में कई वर्चुअल मशीनें स्थापित कर दी जाएं तो उसके संसाधनों‌ को वर्चुअल मशीनों के बीच बांटा जा सकता है। किन्तु हर वर्चुअल सर्वर का अपना अलग आपरेटिंग सिस्ट्म होगा। उदाहरण के लिए आप ३२ जीबी रैम के डेडिकेटेड सर्वर में ४-४ ६-६ जीबी रैम की कई‌ वर्चुअल मशीनें बना सकते हैं। इसीलिए वर्चुअल सर्वरों में होस्टिंग का खर्च कम होता है। लेकिन आपरेटिंग सिस्टम पर पूरा नियंत्रण भी प्राप्त हो जाता है।

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5. वर्चुअल मशीनों‌ को खराब होने से आसानी‌ से बचाया जा सकता है

वर्चुअल मशीनों का बैकअप लेना बेहद आसान होता है क्योंकि आपको केवल वर्चुअल हार्ड ड्राइव फाइल की प्रति बनानी होती है। विभिन्न वर्चुअल मशीन साफ्टवेयर स्नैपशाट बनाने की सुविधा भी देते हैं। जिससे कोई गड़बड़ होने की स्थिति में मशीन को पुरानी स्थिति में वापिस लाया जा सकता है। उदाहरण के लिए आप कोई साफ्टवेयर अपडेट स्थापित करना चाहते हैं तो उसे स्थापित करने के पूर्व यदि आप वर्चुअल मशीन का स्नैपशाट ले लेते हैं तो यदि साफ्टवेयर अपडेट होने पर आपरेटिंग सिस्टम ठीक ढंग से काम नही करता तो फिर आप वर्चुअल मशीन को स्नैपशाट की अवस्था में पुन: पहुंचा सकते हैं।

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3 बेहतरीन वर्चुअल मशीन साफ्टवेयर

1. वर्चुअल बाक्स Virtual Box

Windows Server Running inside Linux distro using Virtual Box। वर्चुअल मशीन पर विंडॊ

वर्चुअल बाक्स सभी प्रमुख आपरेटिंग सिस्टमों (विंडोज मैक और लिनक्स) के लिए उपलब्ध है। वर्चुअल बाक्स में आप ARM आधारित आपरेटिंग सिस्टमों के अतिरिक्त अन्य सभी आपरेटिंग सिस्टम चला सकते हैं। आप सभी लिनक्स वितरणों, विंडोज के सभी संस्करणों और मैक ओएस को वर्चुअल बाक्स में चला सकते हैं।

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Download VirtualBox

2. क्य़ुईएमयू QEMU

ARM आधारित आपरेटिंग सिस्टमों को चलाने हेतु क्य़ूएमयू सबसे अच्छा विकल्प है। QEMU का पूरा नाम Quick Emulator है। पर यह वास्तव में Hypervisor है। QEMU के माध्यम से आप Raspbian OS, Android आदि को चला सकते हैं। आप QEMU को कमांड लाइन से स्थापित कर सकते हैं।

sudo apt install qemu qemu-kvm libvirt-bin

कमांड लाइन पर QEMU चलाना नए लोगों के लिए कठिन हो सकता है। इसके लिए GUI साफ्टवेयर भी उपलब्ध हैं।

3. वीएमवेयर वर्कस्टेशन प्लेयर VMWare Workstation Player

Windows 10 Running inside Ubuntu using VMWare Workstation. वीएमवेयर वर्कस्टेशन की मदद से उबुण्टू के भीतर विंडोज आपरेटिंग सिस्टम चल रहा है

वीएमवेयर वर्चुअल मशीनों के क्षेत्र में अग्रणी उत्पाद है। इसके हजारों कार्पोरेट ग्राहक हैं। सौभाग्य से इसका मुफ्त संस्करण भी उपलब्ध है। यह सभी लिनक्स वितरणों के साथ २०० से अधिक आपरेटिंग सिस्टमों का समर्थन करता है। हलांकि यह ARM आधारित आपरेटिंग सिस्टम नही चला सकता है।

Download: VMware Workstation Player

XnConvert लिनक्स में बैच इमेज प्रोसेसिंग का बेहतरीन औजार

XnConvert एक ऐसा ही क्रास प्लेटफार्म बैच इमेज प्रोसेसिंग साफ्टवेयर है जिसकी मदद से हम न केवल ढेरों चित्रों के फार्मेट एक क्लिक में बदल सकते हैं बल्कि वाटरमार्किंग, स्पेशल इफेक्ट्स, बार्डर लगाना, इमेज एडजस्टमेंट आदि भी एक ही क्लिक में कर सकते हैं। यह विंडोज लिनक्स और मैक ओएस तीनो में चलता है।

वर्डप्रेस और गूगल डॉक्स में बोलकर टाइप कैसे करें

अब वे दिन गए जब लम्बे दस्तावेज टाइप करने के लिए या तो टाइपिस्ट की मदद लेनी होती थी या फिर खुद टाइपिंग सीखनी‌ होती थी। क्योंकि अब कृत्रिम बुद्धि के विकास की वजह से बोलकर टाइप करना संभव है। आज हम वेब आधारित उन औजारों के बारे में जानेंगे जिनकी मदद से हम बोलकर लम्बे दस्तावेज टाइप कर सकते हैं।

लिनक्स टर्मिनल में किसी कमांड के परिणाम को फाइल के रूप में कैसे सहेजें

जब आप लिनक्स के टर्मिनल पर कोई कमांड देते हैं तब आपको तुरंत ही उसका परिणाम सामने मिल जाता है। लेकिन कई बार भविष्य के किसी प्रयोग हेतु इस परिणाम को सहेजना जरूरी होता है। कितना अच्छा हो यदि हम इसका परिणाम किसी फाइल में सहेज सकें।
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वेबमिन को फेडोरा 33 में कैसे स्थापित करें

वेबमिन यूनिक्स तथा लिनक्स के लिए वेब आधारित सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन साफ्टवेयर है। इस एप्लिकेशन के माध्यम से कोई भी बंदा वेब ब्राउजर के माध्यम से ही‌ अपने सर्वर को नियंत्रित कर सकता है। इसे आप लिनक्स सर्वर का जीयूआई भी कह सकते हैं। इस पोस्ट में हम सीखेंगे कि वेबमिन को फेडोरा 33 में कैसे स्थापित किया जा सकता है।

लिनक्स कमांडों की‌ चीटशीट – TLDR Pages

लिनक्स में यदि किसी कमांड के बारे में जानना हो तो MAN पेजों का सहारा लेना पड़ता है। MAN पेजों में यद्यपि उस कमांड के विषय में सम्पूर्ण जानकारी होती है फिर भी आम उपयोगकर्ता के लिए ये समझने में कुछ कठिन रहता है। आज हम TLDR के विषय में चर्चा करेंगे। TLDR लोगों द्वारा बनाए गए लिनक्स कमांड से संबंधित "हेल्प पेजों" का संग्रह है जिन्हे कि किसी भी क्लाइंट द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। यह पारंपरिक MAN पेजों का एक तगड़ा विकल्प बन सकता है। क्योंकि ये समझने में बेहद आसान है।

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