हर कैमरा आखिर DCIM फोल्डर में ही तस्वीरें क्यों रखता है?

माइक्रोसाफ्ट टीम्स को लिनक्स पर कैसे स्थापित करें?

माइक्रोसाफ्ट टीम्स क्लाइंट पहला माइक्रोसाफ्ट 365 एप है जो कि लिनक्स डेस्कटाप के लिए उपलब्ध है। यह साफ्टवेयर चैट, वीडीयो मीटिंग, कालिंग और आफिस 365 के दस्तावेजों में सहकार्य हे एक ही मंच पर उपलब्ध करवाता है। इस पोस्ट में हम सीखेंगे कि माइक्रोसाफ्ट टीम्स को लिनक्स पर कैसे स्थापित किया जा सकता है।

XnConvert लिनक्स में बैच इमेज प्रोसेसिंग का बेहतरीन औजार

XnConvert एक ऐसा ही क्रास प्लेटफार्म बैच इमेज प्रोसेसिंग साफ्टवेयर है जिसकी मदद से हम न केवल ढेरों चित्रों के फार्मेट एक क्लिक में बदल सकते हैं बल्कि वाटरमार्किंग, स्पेशल इफेक्ट्स, बार्डर लगाना, इमेज एडजस्टमेंट आदि भी एक ही क्लिक में कर सकते हैं। यह विंडोज लिनक्स और मैक ओएस तीनो में चलता है।

वर्डप्रेस और गूगल डॉक्स में बोलकर टाइप कैसे करें

अब वे दिन गए जब लम्बे दस्तावेज टाइप करने के लिए या तो टाइपिस्ट की मदद लेनी होती थी या फिर खुद टाइपिंग सीखनी‌ होती थी। क्योंकि अब कृत्रिम बुद्धि के विकास की वजह से बोलकर टाइप करना संभव है। आज हम वेब आधारित उन औजारों के बारे में जानेंगे जिनकी मदद से हम बोलकर लम्बे दस्तावेज टाइप कर सकते हैं।
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Ankur Guptahttps://antarjaal.in
पेशे से वेब डेवेलपर, पिछले १० से अधिक वर्षों का वेबसाइटें और वेब एप्लिकेशनों के निर्माण का अनुभव। वर्तमान में ईपेपर सीएमएस क्लाउड (सॉफ्टवेयर एज सर्विस आधारित उत्पाद) का विकास और संचालन कर रहे हैं। कम्प्यूटर और तकनीक के विषय में खास रुचि। लम्बे समय तक ब्लॉगर प्लेटफॉर्म पर लिखते रहे. फिर अपना खुद का पोर्टल आरम्भ किया जो की अन्तर्जाल डॉट इन के रूप में आपके सामने है.

आपने देखा होगा कि चाहे स्मार्ट फोन हो या डिजिटल कैमरा वे जब भी तस्वीरें खींचते हैं तो उसे वो DCIM नाम के फोल्डर के भीतर एक खास तरीके से रखतेहैं। DCIM का पूरा नाम है Digital Camera Images.
आइए डीसीफ को जानें। डीसीएफ का पूरा नाम है डिजाइन रूल फार कैमरा फाइल सिस्टम, अर्थात एक ऐसा मानक जिसके आधार पर कैमरे में फाइलें भंडारित की जाएंगी। इस मानक को बनाने वाली संस्था का नाम है जेटा(JEITA) अर्थात Japan Electronics and Information Technology Industries Association. इस मानक का प्रथम संस्करण सन् २००३ में आया था और सन् २०१० में इसे अद्यतित किया गया। इस मानक को इसलिए बनाया गया ताकि विभिन्न कैमरा एवं इमेज सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर पारस्परिक रूप से अच्छी तरह काम कर पाएं। अब इसका क्या मतलब है? आप सोच रहे होंगे। आइए आगे बताता हूं।

डीसीएफ मानक के अनुसार कैमरा (चाहे स्मार्टफोन हो या डिजिटल कैमरा) हमेंशा DCIM नाम के फोल्डर में सारी तस्वीरें भंडारित करेगा।
DCIM डायरेक्ट्री में कई उप डायरेक्ट्री होंगी जिनके नामों में 100 से लेकर 999 तक की संख्याएं और पांच अल्फान्यूमेरिक वर्ण होंगे। ये पांच वर्ण कैमरा या सॉफ्टवेयर के निर्माता अपने अनुसार चुन सकते हैं। जैसे मेरे एंड्रायड फोन में ये कुछ ऐसा होता है: 100ANDRO. एप्पल के फोनों में कुछ ऐसा होगा 101APPLE
हर डायरेक्ट्री के भीतर कैमरा तस्वीरें डालेगा जिनके फाइल नामों में प्रथम चार वर्ण अल्फान्यूमेरिक होंगे (जिन्हे कैमरा निर्माता तय कर सकता है) और शेष चार संख्याएं होंगी। जैसे: DCF_0001.JPG
संभव है कि आपको .thm फाइलें भी दिखाई दें। इन फाइलों में इनकी मूल फाइलों का मेटाडाटा होता है। यदि आपकी कोई MOVI0001.mp4 फाइल है तो MOVI0001.thm फाइल भी मिलेगी जिसमें मूल एमपी४ फाइल का मेटाडाटा और थंबनेल होता है।

यह मानक दुनिया भर के कैमरा उपकरणों पर लागू है। इस मानक की वजह से कई लाभ होते हैं। आप किसी कैमरे को या मेमोरी कार्ड को कम्यूटर से जोड़ते हैं तो कम्प्यूटर इस DCIM फोल्डर को खोजता है और उसे मिल जाने पर वह स्वत: ही कैमरा एप्स चालू कर देता है या फिर उसके लिए उपयुक्त विकल्प दिखाता है। यही नही आप एक कंपनी के कैमरे से मेमोरी कार्ड निकालकर दूसरी कंपनी के कैमरे में लगाते हैं तो दूसरी कंपनी के कैमरे को केवल DCIM फोल्डर खोजना होता है और वह फटाफट तस्वीरें दिखा देता है। अगर यह मानक नही होता तो विभिन्न उपकरण एक दूसरे के साथ उपयोग किए गए मेमोरी कार्ड आदि की फाइलों को खोज नही पाते।

तो इसलिए कैमरा DCIM फोल्डर में तस्वीरें सहेजता है।

माइक्रोसाफ्ट टीम्स को लिनक्स पर कैसे स्थापित करें?

माइक्रोसाफ्ट टीम्स क्लाइंट पहला माइक्रोसाफ्ट 365 एप है जो कि लिनक्स डेस्कटाप के लिए उपलब्ध है। यह साफ्टवेयर चैट, वीडीयो मीटिंग, कालिंग और आफिस 365 के दस्तावेजों में सहकार्य हे एक ही मंच पर उपलब्ध करवाता है। इस पोस्ट में हम सीखेंगे कि माइक्रोसाफ्ट टीम्स को लिनक्स पर कैसे स्थापित किया जा सकता है।

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