लिनक्स फाइल टाइमस्टैम्प (atime, mtime, ctime) क्या है?

XnConvert लिनक्स में बैच इमेज प्रोसेसिंग का बेहतरीन औजार

XnConvert एक ऐसा ही क्रास प्लेटफार्म बैच इमेज प्रोसेसिंग साफ्टवेयर है जिसकी मदद से हम न केवल ढेरों चित्रों के फार्मेट एक क्लिक में बदल सकते हैं बल्कि वाटरमार्किंग, स्पेशल इफेक्ट्स, बार्डर लगाना, इमेज एडजस्टमेंट आदि भी एक ही क्लिक में कर सकते हैं। यह विंडोज लिनक्स और मैक ओएस तीनो में चलता है।

वर्डप्रेस और गूगल डॉक्स में बोलकर टाइप कैसे करें

अब वे दिन गए जब लम्बे दस्तावेज टाइप करने के लिए या तो टाइपिस्ट की मदद लेनी होती थी या फिर खुद टाइपिंग सीखनी‌ होती थी। क्योंकि अब कृत्रिम बुद्धि के विकास की वजह से बोलकर टाइप करना संभव है। आज हम वेब आधारित उन औजारों के बारे में जानेंगे जिनकी मदद से हम बोलकर लम्बे दस्तावेज टाइप कर सकते हैं।

लिनक्स टर्मिनल में किसी कमांड के परिणाम को फाइल के रूप में कैसे सहेजें

जब आप लिनक्स के टर्मिनल पर कोई कमांड देते हैं तब आपको तुरंत ही उसका परिणाम सामने मिल जाता है। लेकिन कई बार भविष्य के किसी प्रयोग हेतु इस परिणाम को सहेजना जरूरी होता है। कितना अच्छा हो यदि हम इसका परिणाम किसी फाइल में सहेज सकें।
लिनक्स फाइल टाइमस्टैम्प (atime, mtime, ctime) क्या है? 7
Ankur Guptahttps://antarjaal.in
पेशे से वेब डेवेलपर, पिछले १० से अधिक वर्षों का वेबसाइटें और वेब एप्लिकेशनों के निर्माण का अनुभव। वर्तमान में ईपेपर सीएमएस क्लाउड (सॉफ्टवेयर एज सर्विस आधारित उत्पाद) का विकास और संचालन कर रहे हैं। कम्प्यूटर और तकनीक के विषय में खास रुचि। लम्बे समय तक ब्लॉगर प्लेटफॉर्म पर लिखते रहे. फिर अपना खुद का पोर्टल आरम्भ किया जो की अन्तर्जाल डॉट इन के रूप में आपके सामने है.

लिनक्स फाइल टाइमस्टैम्प atime, mtime और ctime में‌ अंतर

हर लिनक्स फ़ाइल में तीन टाइमस्टैम्प होते हैं: एक्सेस टाइमस्टैम्प (atime), संशोधित टाइमस्टैम्प/Modified Timestamp (mtime), और परिवर्तित टाइमस्टैम्प / Changed Timestamp (ctime)।

एक्सेस टाइमस्टैम्प यह बताता है कि आखिरी बार किसी फ़ाइल को कब पढ़ा गया था। भले ही उसमें कुछ भी संपादित या जोड़ा न गया हो एक्सेस टाइमस्टैंप को बदल देता है।

एक संशोधित टाइमस्टैम्प / Modified timestamp यह बताता है कि एक फ़ाइल की सामग्री को पिछली बार कब संशोधित किया गया था। उदाहरण के लिए आपने कोई टेक्स्ट फाइल खोली और उसमें कुछ लाइनें जोड़ी‌ या घटाई और फाइल सहेज दी। ऐसे में उसका एक्सेस टाइमस्टैम्प और मोडिफाइड टाइमस्टैम्प दोनो बदल जाएंगे.

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एक परिवर्तित टाइमस्टैम्प / Changed Timestamp यह बताता है कि एक फाइल के मेटाडेटा में कब संशोधन किया गया है। उदाहरण के लिए फाइल अनुमति (File Permission) में परिवर्तन इसके Changed Timestamp को अपडेट करेगा।

किसी फाइल का टाइमस्टैम्प देखना

माडिफाइड टाइमस्टैम्प देखने के लिए ls -l <filename> कमांड देना होगा।

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एक्सेस टाइमस्टैम्प देखने के लिए ls -lu <filename> कमांड देना होगा।

चेंज्ड टाइमस्टैम्प देखने के लिए ls -lc <filename> कमांड देना होगा।

लिनक्स फाइल टाइमस्टैम्प Linux File Timestamp Explained

किसी फाइल के सभी टाइमस्टैम्प एक साथ देखना

किसी फाइल के सभी टाइमस्टैम्प एक साथ देखने के लिए stat <filename>कमांड देना होगा।

लिनक्स फाइल टाइमस्टैम्प Linux File Timestamp Explained

जैसा कि आप ऊपर दिए गए स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं कि stat कमांड से हमें न केवल access/modify/change समय का पता चलता है बल्कि फाइल अनुमति (File Permission) उसके यूजर और ग्रुप का भी पता चलता है। साथ ही यह भी‌ कि फाइल का आकार और प्रकार क्या है। आप ध्यान देंगे तो पाएंगे कि stat कमांड फाइल के access/modify/change समय के साथ साथ उसका टाइमजोन भी दिखाता है।

किसी फाइल का टाइमस्टैम्प बदलना

किसी फाइल के एक्सेस टाइमस्टैम्प को बदलने हेतु touch -a <filename> कमांड देना होगा। फाइल के माडीफाइड टाइमस्टैम्प को बदलने हेतु touch -m <filename> कमांड देना होगा।

लिनक्स फाइल टाइमस्टैम्प Linux File Timestamp Explained

यदि आप Changed Timestamp को बदलना चाहते हैं तो उसकी फाइल परमीशन में फेर बदल करके बदल सकते हैं। उदाहरण के लिए chmod +x <filename> इससे आपका चेंज्ड टाइमस्टैम्प बदल जाएगा।

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यदि आप किसी फाइल का मनचाहा टाइमस्टैम्प रखना चाहते हैं तो touch -d “2020-01-15 10:30:45” <filename> कमांड देना होगा। यहां‌ आप तारीख कोई भी रख सकते हैं। इससे एक्सेस और माडीफाइड टाइमस्टैम्प बदल जाता है।

लिनक्स फाइल टाइमस्टैम्प Linux File Timestamp Explained

फाइल टाइमस्टैम्प क्यों जरूरी हैं?

टाइमस्टैंप हमें फाइलों के एक्सेस और परिवर्तित होने के समय तो बतलाते हैं साथ ही यह बैकअप सॉफ्टवेयरो को यह भी‌ बताते हैं कि उन्हे कौन सी फाइल का बैकअप लेना है और कौन सी छोड़नी है। बैकअप सॉफ्टवेयर उन्ही‌ फाइलों का बैकअप लेते हैं जिनका टाइमस्टैम्प बदला हुआ होता है। अत: आप किसी फाइल का टाइमस्टैम्प बदलकर किसी सॉफ्टवेयर को उस फाइल के साथ कोई कार्य करने के लिए मजबूर भी‌ कर सकते हैं।

और देखें: डेबियन लिनक्स में‌ गूगल क्रोम कैसे स्थापित करें?

3 टिप्पणी

  1. […] डेबियन लिनक्स एक लोकप्रिय लिनक्स वितरण है। आज हम डेबियन लिनक्स में गूगल क्रोम वेब ब्राउजर को…और अधिक पढ़ें पुस्तक समीक्षाAdministrator – मार्च 11, 20200 […]

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XnConvert लिनक्स में बैच इमेज प्रोसेसिंग का बेहतरीन औजार

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वर्डप्रेस और गूगल डॉक्स में बोलकर टाइप कैसे करें

अब वे दिन गए जब लम्बे दस्तावेज टाइप करने के लिए या तो टाइपिस्ट की मदद लेनी होती थी या फिर खुद टाइपिंग सीखनी‌ होती थी। क्योंकि अब कृत्रिम बुद्धि के विकास की वजह से बोलकर टाइप करना संभव है। आज हम वेब आधारित उन औजारों के बारे में जानेंगे जिनकी मदद से हम बोलकर लम्बे दस्तावेज टाइप कर सकते हैं।

लिनक्स टर्मिनल में किसी कमांड के परिणाम को फाइल के रूप में कैसे सहेजें

जब आप लिनक्स के टर्मिनल पर कोई कमांड देते हैं तब आपको तुरंत ही उसका परिणाम सामने मिल जाता है। लेकिन कई बार भविष्य के किसी प्रयोग हेतु इस परिणाम को सहेजना जरूरी होता है। कितना अच्छा हो यदि हम इसका परिणाम किसी फाइल में सहेज सकें।

वेबमिन को फेडोरा 33 में कैसे स्थापित करें

वेबमिन यूनिक्स तथा लिनक्स के लिए वेब आधारित सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन साफ्टवेयर है। इस एप्लिकेशन के माध्यम से कोई भी बंदा वेब ब्राउजर के माध्यम से ही‌ अपने सर्वर को नियंत्रित कर सकता है। इसे आप लिनक्स सर्वर का जीयूआई भी कह सकते हैं। इस पोस्ट में हम सीखेंगे कि वेबमिन को फेडोरा 33 में कैसे स्थापित किया जा सकता है।

लिनक्स कमांडों की‌ चीटशीट – TLDR Pages

लिनक्स में यदि किसी कमांड के बारे में जानना हो तो MAN पेजों का सहारा लेना पड़ता है। MAN पेजों में यद्यपि उस कमांड के विषय में सम्पूर्ण जानकारी होती है फिर भी आम उपयोगकर्ता के लिए ये समझने में कुछ कठिन रहता है। आज हम TLDR के विषय में चर्चा करेंगे। TLDR लोगों द्वारा बनाए गए लिनक्स कमांड से संबंधित "हेल्प पेजों" का संग्रह है जिन्हे कि किसी भी क्लाइंट द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। यह पारंपरिक MAN पेजों का एक तगड़ा विकल्प बन सकता है। क्योंकि ये समझने में बेहद आसान है।

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