पीएचपी एक नजर में

माइक्रोसाफ्ट टीम्स को लिनक्स पर कैसे स्थापित करें?

माइक्रोसाफ्ट टीम्स क्लाइंट पहला माइक्रोसाफ्ट 365 एप है जो कि लिनक्स डेस्कटाप के लिए उपलब्ध है। यह साफ्टवेयर चैट, वीडीयो मीटिंग, कालिंग और आफिस 365 के दस्तावेजों में सहकार्य हे एक ही मंच पर उपलब्ध करवाता है। इस पोस्ट में हम सीखेंगे कि माइक्रोसाफ्ट टीम्स को लिनक्स पर कैसे स्थापित किया जा सकता है।

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XnConvert एक ऐसा ही क्रास प्लेटफार्म बैच इमेज प्रोसेसिंग साफ्टवेयर है जिसकी मदद से हम न केवल ढेरों चित्रों के फार्मेट एक क्लिक में बदल सकते हैं बल्कि वाटरमार्किंग, स्पेशल इफेक्ट्स, बार्डर लगाना, इमेज एडजस्टमेंट आदि भी एक ही क्लिक में कर सकते हैं। यह विंडोज लिनक्स और मैक ओएस तीनो में चलता है।

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Ankur Guptahttps://antarjaal.in
पेशे से वेब डेवेलपर, पिछले १० से अधिक वर्षों का वेबसाइटें और वेब एप्लिकेशनों के निर्माण का अनुभव। वर्तमान में ईपेपर सीएमएस क्लाउड (सॉफ्टवेयर एज सर्विस आधारित उत्पाद) का विकास और संचालन कर रहे हैं। कम्प्यूटर और तकनीक के विषय में खास रुचि। लम्बे समय तक ब्लॉगर प्लेटफॉर्म पर लिखते रहे. फिर अपना खुद का पोर्टल आरम्भ किया जो की अन्तर्जाल डॉट इन के रूप में आपके सामने है.

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मैं इस लेख में यह मानकर चल रहा हूं कि, पाठकों को प्रोग्रामिंग का थोड़ा बहुत ज्ञान है। अर्थात प्रोग्रामिंग और प्रोग्राम क्या होता है यह बताने की आवश्यकता नही है। तो शुरू करें…

१. पीएचपी कोड लिखना

पीएचपी के कोड को हमेशा <?php तथा ?> के मध्य लिखा जाता है। इसे किसी भी एचटीएमएल पृष्ठ के मध्य भी लगाया जा सकता है। हां यह बात ध्यान देने योग्य है कि आपके उस एचटीएमएल पृष्ठ का एक्सटेंशन .php हो। पीएचपी की फाइल को सीधे विंडोज़ एक्सप्लोरर/नाटिलस(लिनक्स में) से वेब ब्राउज़र में खोलकर नही चलाया जा सकता है। इसके लिए वेब सर्वर (एपाचे अथवा आईआईएस) जिसमें पीएचपी स्थापित हो की आवश्यकता होती है। फिर सर्वर के पते से (जैसे http://localhost/index.php) पीएचपी फाइल को वेब ब्राउज़र में खोला जाता है, तब पीएचपी की स्क्रिप्ट क्रियान्वित होकर परिणाम देती है।

२. वैरिएबल अथवा चर राशियों को परिभाषित करना।

पीएचपी में वैरिएबल/चर राशि का नाम हमेशा $ (डॉलर) के चिन्ह से शुरू होना चाहिए। उदाहरण के लिए : $name|

वैरिएबल अथवा चर राशियों को परिभाषित करते समय हमें उसका प्रकार बताने की जरूरत नही होती है। किसी भी वैरिएबल अथवा चर राशियों का प्रकार स्वत: ही उनका मान रखते ही तय हो जाता है। उदाहरण के लिए:

$name = “ankur”;

इसका अर्थ है कि $name एक स्ट्रिंग प्रकार का वैरिएबल/चर राशि है जिसका मान ankur है। यदि हम इसका मान बदल दें जैसे कि

$name=54662;

तो यह अपने आप स्ट्रिंग से इंटीजर में परिवर्तित हो जाएगा।

पीएचपी में प्रमुख रूप से निम्न लिखित प्रकार वैरिएबल/चर राशियां परिभाषित की जा सकती हैं:

१. स्ट्रिंग : $x = “ankur”; // कोई अल्फा न्यूमेरिक वर्ण या अक्षर

२. इंटीजर : $x = 5052; // कोई अंक

३. बूलियन : $x = true; $x = false; // ध्यान रहे इसमें true, false के अगल बगल स्ट्रिंग की तरह ( ” ) नही लगा है।

४. फ्लोटिंग पॉइंट अंक: $x = 1.5; // दशमलव वाले अंक

५. एरे : $x = array(“ankur”,2323,”ewe”,true) //यह कई प्रकार के आंकड़ों को एक ही वैरिएबल/चर राशि में सहेज लेता है।

६. ऑब्जेक्ट : $x = new Doc() // ऐसे वैरिएबल यह किसी प्रकार क क्लास से बनते हैं।

७. NULL : $x = NULL // नल का अर्थ है कि इस वैरिएबल/चर राशि का कोई मान नही है। ध्यान रहे कि यह बूलियन के FALSE के बराबर नही होता है।

३.केस के प्रति संवेदनशील भाषा:

पीएचपी अक्षरों के “केस” के प्रति संवेदनशील भाषा है। अर्थात, $name, $Name और $NAME तीनों भिन्न भिन्न वैरिएबलों/चर राशियों के नाम हैं।

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४. आदेश की समाप्ति:

पीएचपी में किसी भी आदेश का अंत हम हमेशा “;” से करते हैं। जैसे : $x = “bhaskar”;

५. किसी मान को स्क्रीन पर छापना:

पीएचपी में किसी परिणाम अथवा अक्षर को स्क्रीन पर दिखाने के लिए echo आदेश का इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के लिए :

echo “Hello PHP<br />”;

$x = “ankur”;

echo $x;

परिणाम:

Hello PHP

ankur

६. किन्ही दो स्ट्रिंगों को जोड़ना:

पीएचपी में किन्ही दो स्ट्रिंगों को जोड़ने के लिए हम बिंदु/फुल स्टॉप का प्रयोग करते हैं। जैसे:

$x = “Welcome “;

$y = “Ankur “;

echo $x.$y;

परिणाम:

Welcome Ankur

७. IF-ELSE

इसका प्रयोग किसी विशेष स्थिति पर कुछ विशेष आदेशों का पालन कराने हेतु कराया जाता है। इसके लिए कुछ इस प्रकार आदे लिखने होते हैं:

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if(condition){

//statements

}

तथा

if(condition){

//statements

}else{

//statements

}

तथा

if(condition){

//statements

}else if(condition){

//statements

}

उदाहरण:

$x = 1;

if($x==1){

echo “One”;

}else{

echo “Not One”;

}

उपरोक्त उदाहरण में “One” लिखकर छपेगा क्योंकि एक्स का मान एक।

कृपया ध्यान दें: उपरोक्त प्रोग्राम में हमनें $x तथा 1 की तुलना करने के लिए दो बार बराबर के चिन्ह का प्रयोग किया है। ध्यान रहे कि एक बार बराबर के चिन्ह (=) के प्रयोग से किसी वैरिएबल/चर राशि में कोई मान भरा जाता है, जबकि दो बार बराबर के चिन्ह से (==) किन्ही दो वस्तुओं की तुलना की जाती है।

तुलना हेतु निम्नलिखित चिन्ह प्रयोग किए जा सकते हैं:

== बराबर

<= कम अथवा बराबर

>= अधिक अथवा बराबर

< कम हो

> अधिक हो

!= बराबर न हो

एक से अधिक दशाओं को साथ में जोड़ने के लिए हम कुछ और शब्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं। उदाहरणार्थ, यदि सेब लाल हो अथवा हरा हो तो सेब बेच दें। यहां हमनें “अथवा” से सेब के लाल अथवा हरा होने की दशा को जोड़ दिया है।

चिन्ह || तात्पर्य “अथवा”

चिन्ह && तात्पर्य “और”

चिन्ह ! तात्पर्य “नही” या “NOT”

८. SWITCH

कुछ परिस्थितियों में IF-ELSE के स्थान पर SWITCH का प्रयोग किया जा सकता है। जैसे किसी विकल्प के चार संभावित मान हो सकते हैं और प्रत्येक मान के लिए कुछ विशेष आदेशों को क्रियान्वित कराना है तो switch का प्रयोग किया जा सकता है। इससे ऐसे प्रोग्राम दिखने में अधिक साफ सुथरा लगने लगता है।

switch को कुछ इस प्रकार से लिखा जाता है:

switch (n)
{
case label1:
code to be executed if n=label1;
break;
case label2:
code to be executed if n=label2;
break;
default:
code to be executed if n is different from both label1 and label2;
}

उदाहरण:

switch ($i) {
case 0:
echo "i equals 0";
break;
case 1:
echo "i equals 1";
break;
case 2:
echo "i equals 2";
break;
}

९. एरे

एरे एक ऐसा वैरिएबल/चर राशि है जिसके भीतर असीमित वैरिएबल/चर राशियां भरी जा सकती हैं। जैसे:

$x = array(“ankur”,”gupta”,”arun”,”shukla”);

अब मान लीजिए कि हम ankur शब्द को छापना चाहते हैं तो हमें कुछ इस प्रकार लिखना होगा:

echo $x[0];

ध्यान रहे एरे की पहली वस्तु को शून्य से गिना जाता है। अर्थात् जिस एरे में १० वस्तुएं होंगी उसमें आखिरी वस्तु का क्रमांक ९ होगा।

एसोसिएटिव एरे: अभी हम जिस एरे को देख रहे थे उनमें किसी वस्तु को प्राप्त करने के लिए अंको का सहारा लेना पड़ रहा था। एसोसिएटिव एरे में अंको के अलावा दूसरी वस्तुओं से भी एरे की वस्तुओं तक पहुंचा जा सकता है।

उदाहरण के लिए :

$x = array(“name”=>”ankur”,”class”=>”1st”);

अब यदि हमें ankur प्राप्त करना हो तो ऐसा लिखेंगे:

echo $x[“name”];

यदि कक्षा का पता करना हो तो:

echo $x[“class”];

१०. While लूप

किसी कार्य को किसी शर्त के पूरा होने तक कराने के लिए लूप की आवश्यकता होती है। यहां हम while लूप की चर्चा करेंगे।

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व्हाइल लूप तब तक क्रियान्वित होता रहता है जब तक कि उसकी शर्त पूरी नही हो जाती। इसे कुछ इस प्रकार लिखा जाता है:

while (condition)
{
code to be executed;
}

उदाहरण:

$x=10;

while($x>=1){

echo $x.”<br />”;

$x = $x-1;

}

उपरोक्त उदाहरण में $x दस से एक तक छपते जाएगा।

व्हाइल लूप की ही तरह एक और प्रकार का लूप भी होता है, डू व्हाइल। दोनों में फर्क यह है कि पहले वाले में शर्त की जांच पहले की जाती है और दूसरे में आखिरी बार।

डू व्हाइल को कुछ इस प्रकार लिखा जाता है:

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do
{
code to be executed;
}
while (condition);

आप देख सकते हैं कि डू व्हाइल में शर्त की जांच आखिरी में की जाती है पहले कोड का क्रियान्वयन किया जाता है।

११ For लूप

पी एच पी में फॉर लूप दो प्रकार के होते हैं : १. फॉर लूप २. फॉर ईच लूप

१. फॉर लूप : अन्य लूपों की तरह इस लूप में भी हम एक शर्त के पूरे होने तक बार बार कुछ आदेशों का क्रियान्वयन करते रहते हैं| इसे हम सामान्यत: तब प्रयोग करते हैं जब हमें मालूम होता है कि कोड को कितने बार क्रियान्वित करना है।

for($i = 1; $i<=10; $i++){

//commnads

}

जैसा की उदहारण से स्पष्ट है की $i का शुरुआती मान हमने 1 रखा है और प्रोग्राम को तब तक क्रियान्वित करने का आदेश दिया है जब तक की $i का मान 10 या 10 से कम रहे | हर क्रियान्वयन के पश्चात $i के मान में एक एक करके बढोत्तरी होती है| और यह तब तक होती रहेगी जब तब की $i , 10 के बराबर न बन जाये|

२. फॉर ईच लूप: इसका प्रयोग हम किसी एरे इत्यादि से वस्तुएं निकलने में कर सकते हैं| यह लूप तब तक चलता है जब तक की किसी एरे के भीतर की सारी वस्तुएँ खत्म नहीं हो जाती हैं|

जैसे :

$x = array(“ankur”,”arun”,”ashish”);

foreach($x as $r){

echo $r.”<br />”;

}

उपरोक्त प्रोग्राम से हमें स्क्रीन पर ankur, arun और ashish लिखा हुआ मिलेगा।

१२ फंग्शन

फंग्शनों के जरिए हम किसी कोड के समूह को बार बार उपयोग करने योग्य बना सकते हैं। इन्हे इस प्रकार से परिभाषित किया जाता है:

function functionname(){

//statements

}

किसी फंग्शन को क्रियान्वित करने के लिए इस प्रकार लिखना होता है

functionname();

किसी फंग्शन में हम किसी राशि को भी प्रवेश करा सकते हैं एवं उससे मान भी प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के लिए,

function doit($param1){

echo “<h1>”.$param1.”</h1>”;

}

doit(“Swagatam”);

उपरोक्त फंग्शन से निम्नलिखित परिणाम प्राप्त होंगे:

<h1>Swagatam</h1>

इस बार तो फंग्शन नें परिणाम को सीधे छाप दिया। हम चाहें तो परिणाम को सीधे छापने की बजाय किसी वैरिएबल इत्यादि में जमा कर सकते हैं। इस बात को आप निम्नलिखित उदाहरण से समझ सकते हैं:

function doit($param){

return $param.” Ji, Aapka Swagat Hai”;

}

$myvalue = doit(“Ankur”);

echo $myvalue;

उपरोक्त फंग्शन में आप एक return नाम का आदेश देख सकते हैं। इस आदेश के जरिए हम फंग्शन से परिणाम बाहर निकाल सकते हैं। जैसे कि $myvalue चर राशि(वैरिएबल) में Ankur Ji, Aapka Swagat Hai मान भर गया। अब जब $myvalue को छापा जाएगा तो यही पाठ्य स्क्रीन पर छप जाएगा।

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सीशार्प आदि भाषाओं से अलग पीएचपी में आपको …

  • किसी चर/अचर राशि का प्रकार बताने की जरूरत नही पड़ती है
  • किसी फंग्शन के परिणाम का प्रकार बताने की जरूरत नही पड़ती है
  • फंग्शन में गुजारी जा रही राशियों के मानों का प्रकार भी बताने की जरूरत नही पड़ती है

यदि आप किसी फंग्शन में गुजारे जा सकने वाले मान को वैकल्पिक बनाना चाहते हैं तो कुछ इस प्रकार लिखना होगा:

function doit($name=”ankur”){

echo “my name is “.$name;

}

अब यदि इस फंग्शन को doit(“ajay”); लिखकर क्रियान्वित कराएं तो परिणाम मिलेगा my name is ajay । और यदि इस फंग्शन को केवल doit(); लिखकर क्रियान्वित कराएं तो परिणाम मिलेगा my name is ankur|

१३ पीएचपी के जरिए फार्मों से आंकड़े प्राप्त करना

एक सामान्य एचटीएमएल फार्म कुछ इस प्रकार का होता है:

<form action=”welcome.php” method=”post”>
Name: <input type=”text” name=”fname” />
Age: <input type=”text” name=”age” />
<input type=”submit” />
</form>

action पैरामीटर में हम उस पीएचपी फाइल का पता लिखते हैं जहां फार्म के आंकड़े भेजने होते हैं तथा method में आंकड़े भेजने के तरीके को निर्धारित करते हैं। ये तरीके दो प्रकार के होते हैं १. GET, २. POST. गेट तरीके से फार्म के आंकड़े यूआरएल में दिखाई दे जाते हैं किन्तु पोस्ट वाले तरीके में फार्म के आंकड़े यूआरएल में दिखाई नही देते हैं। अधिकतर पोस्ट वाला तरीका ही उपयोग किया जाता है।

फार्म के कंट्रोल जैसे बटन, इनपुट, सेलेक्ट इत्यादि के name एट्रीब्यूट में जो कुछ भी लिखा जाता है वह पीएचपी में वैरिएबल बन जाता है। उदाहरण के लिए उपरोक्त फार्म के आंकड़ों को welcome.php में प्राप्त करने के लिए welcome.php का कोड कुछ इस प्रकार का होगा:

$name = $_POST[“fname”];

$age = $_POST[“age”];

echo “Hi, “.$name.”, Your age is “.$age;

अब मान लीजिए कि हमनें पहले खाने में लिखा “ankur” और दूसरे खाने में लिखा “21” तो सबमिट बटन में क्लिक करके पर यह परिणाम मिलेगा:

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Hi, ankur, Your age is 21

ध्यान रहे कि किसी फार्म को जमा करने के लिए जो बटन बनाई जाती है उसमें input type=”submit” लिखना होता है । यदि आप input type=”button” लिखेंगे तो बटन तो बन जाएगी किन्तु उससे फार्म जमा नही होगा।

यदि यह फार्म पोस्ट की बजाए गेट तरीके से जमा किया गया होता तो हमें $_POST के स्थान पर $_GET का प्रयोग करना होता।

१४ $_GET तथा $_POST

$_GET का प्रयोग हमेंशा किसी यूआरएल से गुजारी जा रही क्वेरी स्ट्रिंगों का मान प्राप्त करने के लिए किया जाता है। जैसे कि मान लीजिए किसी फाइल test.php को ब्राउजर में इस प्रकार से खोला जाए:

test.php?name=ankur

तो इस name का मान प्राप्त करने के लिए हमें test.php में हमें यह कोड लिखना होगा:

$myname = $_GET[“name”];

echo $myname;

चूंकि जो फार्म गेट तरीके से आंकड़े जमा करते हैं वो भी यूआरएल में आंकड़े प्रविष्ट करा देते हैं तो वहां भी हमें $_GET का ही प्रयोग करना होता है।

$_POST एरे का प्रयोग हम तब कर सकते हैं जब फार्म से post “मेथड” द्वारा आंकड़े प्रविष्ट कराए जाएं।

माइक्रोसाफ्ट टीम्स को लिनक्स पर कैसे स्थापित करें?

माइक्रोसाफ्ट टीम्स क्लाइंट पहला माइक्रोसाफ्ट 365 एप है जो कि लिनक्स डेस्कटाप के लिए उपलब्ध है। यह साफ्टवेयर चैट, वीडीयो मीटिंग, कालिंग और आफिस 365 के दस्तावेजों में सहकार्य हे एक ही मंच पर उपलब्ध करवाता है। इस पोस्ट में हम सीखेंगे कि माइक्रोसाफ्ट टीम्स को लिनक्स पर कैसे स्थापित किया जा सकता है।

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