फाइलों के आनलाइन भंडारण हेतु ५ बेहतरीन सेवाएं

आज की इस प्रविष्टि में हम आनलाइन फाइलों को भंडारित करने की कुछ सेवाओं के विषय में चर्चा करने जा रहे हैं। आशा है यह प्रविष्टि आप सभी के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

ड्रॉप बॉक्स: इस सेवा में आपको २ गीगाबाइट की मुफ्त भंडारण सेवा मिलती है। इसके आगे के लिए आपको भुगतान करना पड़ता है। लेकिन मजेदार बात ये है कि यदि आप दूसरों को सिफारिश करके उनका खाता ड्रॉप बॉक्स में खुलवाने में सफल होते हैं तो आपको प्रत्येक पंजीकरण पर ५०० मेगाबाइट की मुफ्त जगह मिलती है। इस प्रकार सिफारिश के बल पर आप १८ गीगाबाइट तक का मुफ्त स्पेस जुगाड़ सकते हैं। यदि आपने ड्रॉप बॉक्स के बड़े प्लान पैसे देकर खरीदे हैं तो आपको प्रत्येक पंजीकरण पर १ गीगाबाइट की मुफ्त जगह मिलती है। ड्रॉप बॉक्स की सभी फाइलें सामान्यत: सार्वजनिक नही होती हैं। किन्तु आप किसी भी फाइल को सार्वजनिक करके उसकी कड़ी प्राप्त कर सकते हैं। और उसे अपने मित्रों, सगे संबंधियों से साझा कर सकते हैं। ड्रॉप बॉक्स के क्लाइंट को आप अपने कम्प्यूटर पर स्थापित कर सकते हैं और अपने कम्प्यूटर के किसी एक फोल्डर को सीधे ड्रॉप बॉक्स से सिंक्रोनाइज कर सकते हैं।

सुगर सिंक: यह भी ड्रॉप बॉक्स जैसी ही सेवा है। किन्तु यह आरंभ में ही आपको ५ गीगाबाइट की मुफ्त भंडारण सेवा उपलब्ध करवा देती है। जहां ड्रॉप बॉक्स में आप एक ही फोल्डर सिंक्रोनाइज कर सकते हैं वहीं सुगर सिंक में एक से अधिक फोल्डरों को सिक्रोनाइज किया जा सकता है। किन्तु सुगर सिंक में ड्रॉप बॉक्स की तरह आप दूसरों को सुगर सिंक में आमंत्रित करके मुफ्त डिस्क स्पेस नही प्राप्त कर सकते हैं।

विंडोज़ लाइव स्काई ड्राइव: यह माइक्रोसॉफ्ट द्वारा चलाई जा रही सेवा है। जिसमें आपको ७ गीगाबाइट की मुफ्त भंडारण सुविधा मिलती है। अतिरिक्त भंडारण क्षमता प्राप्त करने के लिए आप वार्षिक भुगतान कर सकते हैं। ड्रॉप बॉक्स, सुगर सिंक की तरह इसका भी डेस्कटॉप क्लाइंट आता है।

माइनस: इसमें आपको पंजीकरण करते ही १० गीगाबाइट का मुफ्त स्पेस मिलेगा। किन्तु फिलहाल इसके कोई “पेड प्लान” नही हैं।

गूगल ड्राइव: यह गूगल की ओर से आनलाइन भंडारण की सेवा है। इसमें आपको मुफ्त वाले प्लान में ५ गीगाबाइट की जगह मिलती है। पेड अपग्रेड उपलब्ध हैं। और ड्रॉप बॉक्स की तरह का क्लाइंट भी। आपको इसके लिए पंजीकरण की आवश्यकता नही पड़ेगी क्योंकि आपका जीमेल खाता ही इसके लिए पर्याप्त होगा।

What you think about this article?

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

CAPTCHA Image

*

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>