विंडोज यूजर एकाउंट कंट्रोल (यूएसी) क्या है?

यूएसी क्या है?

यूजर एकाउंट कंट्रोल यानि कि यूएसी विंडोज का वह अंग है जो कि वायरसों, मालवेयरो तथा कम्प्यूटर पर होने वाले अनाधिकृत परिवर्तनों को रोकता है। यह अंग विंडोज की सुरक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। माइक्रोसॉफ्ट ने यूएसी को पहली बार विंडोज़ विस्टा के साथ निकाला और यह विंडोज़ ७ में भी मौजूद है।

यूएसी आपके कम्प्यूटर की रक्षा कैसे करता है?

सामान्य अवस्था में विंडोज में अनुप्रयोग बिना किन्ही प्रशासनिक अधिकारों (administrative privileges) के चलते हैं। अत: वे कम्प्यूटर में कोई महत्वपूर्ण बदलाव करने में अक्षम होते हैं। जब किसी अनुप्रयोग को कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन करना होता है तो यूएसी उसे रोक लेता है और आपसे अनुमति मांगता है। यदि आप उसे अनुमति दे देते हैं तभी वह प्रक्रिया आगे बढ़ती है। विंडोज में ऐसी व्यवस्था होने से वायरस इत्यादि कम्प्यूटर में आसानी से कोई बड़े परिवर्तन नही कर पाते हैं।

किन किन कार्यों में प्रशासनिक अधिकारों की आवश्यकता पड़ती है?

  • किसी अनुप्रयोग को प्रशासक के तौर पर चलाने पर
  • विंडोज़ एवं प्रोग्राम फाइल फोल्डर के भीतर कोई परिवर्तन करने पर
  • कोई ड्राइवर या अनुप्रयोग स्थापित करने पर
  • एक्टिव एक्स कंट्रोलों को स्थापित करने पर
  • विंडोज़ फायरवाल का समायोजन करने पर
  • यूएसी का समायोजन करने पर
  • विंडोज़ अपडेट में कोई परिवर्तन करने पर
  • उपयोगकर्ताओं के खाते जोड़ने या हटाने पर
  • उपयोगकर्ता के खाते का प्रकार बदलने पर
  • अभिभावकीय नियंत्रण (पैरेंटल कंट्रोल) में कोई परिवर्तन करने पर
  • टास्क शेड्यूलर चलाने पर
  • सिस्टम फाइलों के बैक अप को पुनर्स्थापित करने पर
  • किसी अन्य उपयोगकर्ता के फोल्डरों एवं फाइलों को देखने पर
  • कम्प्यूटर के दिनांक एवं समय में परिवर्तन करने पर

यूएसी के स्तरों का क्या मतलब है?

विंडोज विस्टा में यूएसी के लिए केवल दो विकल्प थे “चालू” और “बंद”। इसके विपरीत विंडोज ७ में यूएसी के चार स्तर उपलब्ध हैं। ये हैं:

१. आलवेज नोटिफाई (हमेशा सूचित करें) : जब जब आप स्वयं या कोई प्रोग्राम कम्प्यूटर में कोई ऐसे परिवर्तन करने की कोशिश करेगा जिसे करने के लिए “प्रशासनिक अधिकारों” की आवश्यकता पड़ती है तब तब आपको उसके विषय में सूचित किया जाएगा। यह सबसे अधिक सुरक्षित स्थिति है किन्तु यूएसी का डायलॉग बॉक्स बार बार आ जाने से परेशान कर देता है।

२. डिफाल्ट (सामान्य अवस्था) : जब जब कोई प्रोग्राम कम्प्यूटर में कोई ऐसे परिवर्तन करने की कोशिश करेगा जिसे करने के लिए “प्रशासनिक अधिकारों” की आवश्यकता पड़ती है तब तब आपको उसके विषय में सूचित किया जाएगा। किन्तु यदि ये परिवर्तन आप स्वयं करेंगे तो आपको सूचना नही दी जाएगी। यह तुलनात्मक रूप से कम सुरक्षित स्थिति है क्योंकि वायरस/प्रोग्राम माउस कीबोर्ड की नकली हलचलों को पैदा करके कोई बड़ा परिवर्तन कर सकते हैं। फिर भी यदि आपने कोई अच्छा एंटी वायरस रखा है तो चिंता की कोई बात नही है।

३. डू नॉट डिम माई डेस्कटॉप : यह विकल्प पिछले वाले विकल्प की तरह ही है पर इसमें आपकी डेस्कटॉप “मद्धिम” नही होती है। यह और भी कम सुरक्षित स्थिति है क्योंकि डेस्कटॉप के मद्धिम हो जाने पर अन्य प्रोग्राम माउस पर से नियंत्रण खो देते थे और केवल यूएसी का डायलॉग बॉक्स पर ही आप क्लिक कर सकते थे। इस स्थिति में कोई वायरस भी माउस प्वाइंटर पर नियंत्रण करके यूएसी के डॉयलाग से छेड़छाड़ कर सकता है।

४. नेवर नोटिफाई : यूएसी पूरी तरह से बंद हो जाता है। ऐसा करना कम्प्यूटर को असुरक्षित स्थिति में डालना है।

क्या आपको यूएसी बंद कर देना चाहिए? यदि नही तो उसका कौन सा स्तर रखना सही होगा?

नही। “सिरदर्द और सुरक्षा” दोनों के बीच संतुलन बनाते हुए मेरा मानना है कि यूएसी का द्वितीय स्तर (डिफाल्ट) रखना उचित है। विंडोज ७ में यह पहले से ही निर्धारित किया गया रहता है।

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